जैव आण्विक यंत्रीकरण

बायोमेडिकल यंत्रीकरण अनुभाग, विशुद्ध तथा प्रायोगिक विज्ञान, दोनों और भौतिकी, रसायन, जैव-प्रौद्योगिकी तथा यंत्रीकरण के सिद्धांतों सहित एकीकृत अनुसंधान क्षेत्र में अनुसंधान के प्रति समर्पित है, जिसका मुख्य लक्ष्य निरंतर विकास एवं अनुसंधान, अनुसंधान प्रकाशन, पेटेंट, प्रौद्योगिकी हस्तांरण, उद्योग तथा राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं को परामर्श आदि के माध्यम से (i) कोलेस्ट्रोल जैव-संवेदक की प्रक्रिया प्रौद्योगिकी का विकास करना, (ii) कैंसर के निदान हेतु जैव-संवेदकों का विकास करना (iii) संक्रामक रोगों हेतु जैवे-संवेदकों के विकास के लिए नवीन पदार्थों का संश्लेषण करना है । इस समूह द्वारा वैज्ञानिक एवं नवीन अनुसंधान अकादमी (AcSIR) तथा अन्य सहयोगी शैक्षणिक संस्थानों के अधीन जैवे-संवेदकों पर एकीकृत एम-टेक, पी.एच.डी/पी.एच.डी. कार्यक्रम भी आरंभ किया गया है ।

कोलेस्ट्रोल यंत्र का तकनीकी विकास कुल कोलस्ट्रोल, हृदय संबंधी (कार्डियो वेस्क्यूलर) समस्याओं के लिए उपयेागी शीघ्र प्राप्त होने वाले संकेत है: कोलेस्ट्रोल धमनी प्लैक (Plaque) के निर्माण में सहायता करता है । यह कार्य मानव सीरम/रक्त की जैव-रासायनिक अभिक्रिया के विश्लेषण के परिणामस्वरूप कोलेस्ट्रोल का पता लगाने के लिए पेपर पर सरल विश्लेषणत्मक परीक्षण, (एंजाइम लिक्ंड) को दर्शाता है । कोरोनरी रोगों, यकृत के कार्य, बिलियरी कार्य, आंत्र अवशोषण, आदि हेतु कोलेस्ट्रोल के स्तर का मापन महत्वपूर्ण है । रंग-संरचना का यह एक डोप टेस्ट मैकेनिज्म, संक्रामक तथा वायरस संक्रमित रोगों का पता लगाने हेतु बाजार में वर्तमान में उपलब्ध पाश्र्व प्रवाह परीक्षण पद्धति के समान है ।

जैव-आण्विक इलेक्ट्राॅनिक्स हेतु डी एस टी केन्द्र (सी बी एम ई)

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डी एस टी) ने एन पी एल में "जैव-आण्विक इलेक्ट्राॅनिक्स केन्द्र (सीबीई) स्थापित किया है तथा निम्नलिखित उद्देश्यों की प्राप्ति की गयी:-

→ जैव-संवदेक संविरचना से संबंधित विश्व-स्तरीय सुविधाओं की स्थापना ।

→ जैव-आण्विक इलेक्ट्राॅनिक अनुप्रयोगों हेतु नवीन पदार्थों की पहचान करना तथा निर्माण करना ।

→ कीटनाशक/भारी धातु संसूचन आदि हेतु उच्च विशिष्ट, संवेदी तथा चयनित बहुलकीय, बहु-विचरण जैव-संवेदक, पूर्ण सेल जैव-संवेदक ।

→ सादृश्य जैव-संवेदक जिसमें न्यूक्लिक एसिड संकरण परिघटना पर आधारित जैव-संवेदक भी सम्मिलित हैं ।


अनुसंधान सुविधाएँ:-

समूह के वैज्ञानिक

डा. ए एम बिरादर, प्रमुख
डा. जी सुमना
डा. वेद वी अग्रवाल

संपर्क जानकारी