बहुलक तथा नम पदार्थ

बहुलक तथा नम्य पदार्थ अनुभाग, द्रव क्रिस्टल, बहुलक तथा नम्य पदार्थों सहित नम्य संघनित पदार्थ के आधारभूत तथा प्रायोगिक विज्ञान में अनुसंधान के प्रति समर्पित है । नम्य पदार्थों के विशिश्ट संदर्भ के साथ पदार्थ के आधारभूत तथा प्रायोगिक विज्ञान में अनुसंधान के प्रति समर्पित है । नम्य पदार्थों के विशिश्ट संदर्भ के साथ पदार्थ विज्ञान तथा नैनो प्रौद्योगिकी के विभिन्न पहलुओं पर इस अनुभाग द्वारा निम्नलिखित गतिविधियों सम्पन्न की जा रही हैं ।

1. द्रव क्रिस्टल (LC) तथा एल नैनोकम्पोजिट का आधारभूत अध्ययन तथा प्रौद्योगिकीय अनुप्रयोग

हाल ही के वर्शों में द्रव क्रिस्टल के अनुसंधान में काफी वृद्धि हुई है । सी.एस.आई.आर-एन.पी.एल का एल सी समूह, धातु तथा धातु आॅक्साइड नैनो कण, क्वांटम डाॅट्स, कार्बन नैनोट्यूब तथा ग्रेफीन
आदि जैसे विभिन्न प्रकार के नैनो पदार्थों के साथ प्रकीर्णन द्वारा लौह विद्युत द्रव क्रिस्टल के परावैद्युत तथा वैद्युत प्रकाशिक गुणधर्मों के समस्वरण पर ध्यान केन्द्रित कर रहा है । हाल ही में, इस समूह द्वारा
द्रव क्रिस्टल क्षेत्र को गैर प्रादर्शी अनुप्रयोगों जैसे द्रव क्रिस्टल पर आधारित जैव संवेदकों का विकास, द्रव क्रिस्टल इंटरफेस का विभिन्न अमिश्रणीय तरलों के साथ गतिकी का अध्ययन आदि, में परिवर्तित कर
वैविध्य लाया गया ।

द्रव क्रिस्टल प्रयोगशाला में उपलब्ध सुविधाएँ:-

एल सी प्रयोगशाला की अभिलक्षण सुविधाएँ प्रदर्शित करता फोटो

अनुसंधान की विशेशताएँ:-

→ वैद्युत-प्रकाशिक अनुप्रयोगों हेतु नैनो पदार्थों/लौह-विद्युत द्रव क्रिस्टल कम्पोजिट के अभिलक्षणन की तैयारी ।

→ अमिश्रणीय संरचनाओं वाले द्रव क्रिस्टलों के इंटरफेस का आधारभूत अध्ययन ।

→ द्रव क्रिस्टल आधारित जैव-संवदेक ।

2. कोलस्ट्रोल का पता लगाने हेतु स्व-समुच्चयन (self-assembled) एकल परत आधारित द्रव क्रिस्टल जैव-संवेदक

कोलस्ट्रोल का पता लगाने के लिए विशिश्ट कोलस्ट्रोल आॅक्सीडेंस (ChOx) द्रव क्रिस्टल (LC) जैव-संवदेक का विकास किया गया है । कोलस्ट्रोल का पता लगाने के लिए वर्तमान स्व-समुच्चयन एकल परत आधारित एल सी जैव-संवेदक, एल सी के अभिविन्यास के विदारण पर आधारित है । एल सी आधारित जैव संवेदी 10 mg/dl से 250 mg/dl तक कोलस्ट्रोल सांद्रण हेतु एल सी आधारित जैव संवेदी अध्ययन SAM/ChOx/LC(5CB) कोशिकाओं पर किया जाता है । संवेदी तंत्र को ध्रुवण प्रकाशिक सूक्ष्मदर्शिकी, स्कैनिक इलेक्ट्राॅन सूक्ष्मदर्शिकी तथा स्पेक्ट्रममीतिय तकनीकों द्वारा प्रमाणित किया गया है । ये परिणाम दर्शाते हैं कि ChOxLC जैव-संवेदक कोलस्ट्रोल के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है तथा 10 mg/dl संसूचन सीमा से युक्त है । यह अध्ययन एक साधारण तथा संवदेनशील ChOxLC जैव संवेदी दृश्टिकोण प्रदान करता है तथा LC आधारित जैव-संवेदकों के विकास हेतु प्रभावी सिग्नल वर्धित युक्तियाँ प्रदान करता है ।

चित्र ..........

विभिन्न LC कोशिका ज्यामिति की प्रकाशिक संरचना को दर्शाते ध्रुवण प्रकाशिक माइक्रोग्राफ (a) होमियोट्रोफिक संरेखण दर्शाती संदर्भ कोशिका (b) एंजाइम कोशिका (c) 10 mg/dl (d) 50 mg/dl (e) 150 mg/dl तथा (f) 250 mg/dl कोलस्ट्रोल सांद्रण युक्त जैव-संवेदी कोशिका ।

X-बैंड में उत्कृश्ट विद्युत-चुंबकीय व्यतिकरण परिरक्षण हेतु समानीत ग्रैफीन आॅक्साइड/Fe2O3 कार्बन फाइबर सैंडविच

संपीडन (कम्प्रेशन) मोल्डिंग द्वारा समानीत ग्रैफीन आॅक्साइड (RGO)/?-Fe2O3/ कार्बन फाइबर सैंडविच युक्त कम्पोजिट शीट का उत्पादन किया गया है । इसकी वैद्युत चालकता 0.48-171.21S/cm के परास में रहती है । पारगमन तथा स्कैनिंग इलैक्ट्राॅन सूक्ष्मदर्शिकी अवलोकन से ?-Fe203 (~9.8nm) तथा कार्बन फाइबर के नैनो कणों की उपस्थिति सुनिश्चित हो जाती है जो RGO सैंडविच को आनमनी सामथ्र्य (flexural strehgth) प्रदान करते हैं । थर्मोग्रेवीमीट्रिक विश्लेशण दर्शाते हैं कि RGO सैंडविच की तापीय स्थिरता, सैंडविच में RGO तथा फिनाइल रेजिन की मात्रा पर निर्भर करती है । सम्मिश्र अर्थात् RGO/?-Gr3 फाइबर की विद्युतशीलता (e* = e' - ie ?) तथा पारगम्यता (μ* = μ'- iμ ? ) को निकाल्सन - राॅस तथा वेयर एल्गोरिथम में दी गयी सैद्धांतिक परिकलन द्वारा प्रयोगात्मक प्रकीर्णी प्राचलों (S11 एवं S21) से परिकलित किया गया है । पेपर के माइक्रोवेव अवशोशण गुणधर्मों का अध्ययन 8.2 – 12.4 GH2 (X-बैंड) आवृति परास में किया गया है । अधिकतम परिरक्षण प्रभाविता 45.26 dB पाई गयी जो कि RGO मैट्रिक्स में ?-Fe2O3 की परावैद्युत हानि तथा वाॅल्यूम फ्रैक्शन पर अत्यधिक निर्भर करती है ।

चित्र ........................

(a) आर्गेनिक मीडियम में फिनाइल रेजिन इस्तेमाल कर ?-Fe2O3नैनोकणों के विभिन्न wt% के साथ RGO सैंडविच के निर्माण का आरेख (b) RGO का SEM चित्र (c) कार्बन फाइबर तथा फ्रैक्चर सतह के पुलआउट्स को दर्शाती 1% कार्बन फाइबर तथा 50 wt% फिनाइल रेजिन युक्त RGO/? - Fe203 शीट (ए. पी. सिंह, पी. गर्ग, एफ. अल्म, के. सिंह, आर. बी. माथुर, आर.पी. टंडन, ए. चन्द्रा तथा एस. के. धवन, कार्बन 50, 2012, 3868 - 3875; आई एफ 5.38)

संक्षारण सुरक्षा हेतु पाॅली एनीलीन स्मार्ट कोटिंग

गैर-विलेपित, एपाॅक्सी विलेपित, PANI तथा HPSC विलेपित माइल्ड स्टील के साथ 3.5%
NaCl विलयन में माइल्ड स्टील के टफेल ध्रुवल व्यवहार का अध्ययन भी किया गया । इस अध्ययन से पता चला कि एपाॅक्सी सन्निहित नवीन अभिकल्पित पाॅलीएनीलीन ने त्वरित परिस्थितियों में 35 दिनों तक नमक स्प्रे परीक्षण किए जाने पर 6% की लोडिंग पर भी उत्कृश्ट संक्षारण सुरक्षात्मक व्यवहार का
प्रदर्शन किया ।

चित्र ........

35 दिनों तक नमक स्प्रे परीक्षण किए जाने पर (a) एपाॅक्सी विलेपित (b) PANI (6wt % लोडिंग पर) विलेपित (c) HPSC (1.5 wt % लोडिंग पर) तथा (d) HPSC (6.0 wt % लोडिंग पर) माइल्ड स्टील के चित्र

5. माइक्रोफ्लूडिक द्वारा इम्यूनोसेंसिग अनुप्रयोग हेतु संयुग्मित पाॅलीमर कम्पोजिट: कार्डियक बायोमार्कर्स हेतु इम्पीडिमीट्रिक इम्यूनोसेंसर

कार्डियक बायोमार्कर्स का उपयोग हृदयपेशीय क्षति की आशंका से आपातकालीन विभाग में आने वाले हृदय रोगियों के शीघ्र तथा विश्वसनीय निदान में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है । हम ZnS
(MPA) नैनोकणों तथा उनकी सहसंयोजक संलग्नता को 3-अमीनोप्रोपीलट्राईथाॅक्सीलेन (APTES) की स्व-संकलित एकलपरत (SAM) तक इंडियम-टिन-आॅक्साइड (ITO) विलेपित ग्लास प्लेट पर संश्लेशित करते हैं । इसके बाद इर्न ZnS (MPA) संशोधित ITO - ग्लास प्लेट को बायो-इलेक्ट्रोड (Ab-Mb (BSA)/ZnS(MPA)/APTES/ITO glass) की संरचना हेतु N-(3- डाइमिथाइलैमिनोप्रोपिल -N'- एथिल कार्बोडिमाइड हाइड्रोक्लोराइड (EDC)/N- हाइड्रोक्सीसक्सीनीमाइड (NHS) पद्धति के उपयोग से ZnS (MPA) नैनोकणों में उपलब्ध मुक्त कार्बोक्सिल समूहों द्वारा प्रोटीन एन्टीबाॅडी, Ab-Mb के साथ स्थिरीकृत किया गया ।

2m M [Fe (CN)6] 3-/[Fe(CN)6]4-(pH7.4), युक्त 0.1 MKCI विलयन में, 1.0 से 10,000 Hz स्कैनिंग आवृत्तियों पर, Ab-Mb (BSA)/ZnS(MPA)/APTES/ITO इलेक्ट्रोड से प्रोटीन एन्टीजन तक का विद्युत-रासायनिक प्रतिबाधा अभिक्रिया अध्ययन किया गया । एंटीजन, Ag-Mb, बायोइलेक्ट्रोड पर विलयन के विभिन्न सांद्रण हेतु प्रतिबाधा स्पेक्ट्रा के नाइक्विस्ट प्लाॅट को नीचे दिए गए चित्र (a) में दर्शाया गया है । इलेक्ट्रोड सतह पर, एन्टीबाॅडी-एन्टीजन अन्तरक्रिया को दर्शाते, एडेड एंटीजन, Ag-Mb, के बढ़ते सांद्रण के साथ नाइक्विस्ट वृत्त के व्यास में वृद्धि देखी गयी । बायोइलेक्ट्रोड के प्रतिबाधा मापांक बोड प्लाॅट (b), समतुल्य परिपथ में तीन प्रकार के तत्वों के अनुरूप तीन भिन्न क्षेत्रों को प्रदर्शित करते हैं । द्वि-परतीय धारिता क्षेत्र, 50 Hz से 1KHz निम्न आवृत्ति परास में जबकि 50 Hz से कम तथा 1 Khz से अधिक आवृत्ति क्षेत्र, क्रमशः चार्ज ट्रांसफर प्रतिबाधा तथा विलयन प्रतिबाधा के अनुरूप होता है ।

चित्र ...............

(a) PBS (pH 7.4) में Ag-Mb के नियंत्रण तथा विभिन्न सांद्रण हेतु Ab-Mb (BSA)/
ZnS(MPH)/APTES/ITO इलेक्ट्राड पर प्राप्त नाइक्विस्ट प्लाँट; (b) समरूप बोड प्लाट ।

इसी प्रकार, इंडियम-टिन-आॅक्साइड (ITO) विलेपित ग्लाॅस प्लेट अध्ययन पर विद्युत-रासायनिक तरीके से विकसित बायो-फंक्शनलाइज्ड कंडक्टिंग को-पाॅलीमर पोली (Pyrrole-Co-
Pyrrolepropylic acid) (PPy-PPa) फिल्म के संरचनात्मक तथा ac इम्पीडीमिट्रिक गुणधर्मों को भी मापा गया है । को-पाॅलीमर फिल्म को एक बायोइलेक्ट्रोड के निर्माण हेतु मायोग्लोबिन प्रोटीन एंटीबाॅडी, Ab-cMb, के साथ बायो-फंक्शनलाइज्ड किया गया । PPy-PPa को-पाॅलीमर फिल्म के ac प्रतिबाधा अध्ययन चार्ज ट्रांसफर प्रतिबाधा (Ret) तथा आयनविसरण (diffusion) (WR) अभिलक्षणों, क्रमशः उच्च तथा भिन्न आवृत्ति क्षेत्र में, दोनों को दर्शाते हैं; जबकि, बायोइलेक्ट्रोड (Ab-
Mb(BSA)/PPy-PPa/ITO), PPy-PPa को-पाॅलीमर फिल्म से संबंधित तुलनात्मक रूप से निम्न ac आवृत्ति क्षेत्र में केवल Ret को दर्शाता है, जो पाॅलीमर इलेक्ट्रोड की अच्छी जैव-अनुकूलता की ओर संकेत करता है ।

चित्र .........

(a) PPy-PPa/ITO; (b) प्रतिबाधा माॅडुलस के अनुरूप Ab-Mb/PPy-PPa/ITO ग्लाॅस इलेक्ट्रोड तथा बोड प्लाट्स तथा फेज एंगल डायग्राम vs PPy-PPa/ITO- ग्लास और Ab-Mb
(BSA)/PPy-PPa/ITO- ग्लाॅस इलेक्ट्रोड (चित्रों के मध्य) के लिए आवृत्ति के SEM चित्र

6. उत्कृश्ट विद्युत-चुंबकीय व्यतिकरण शील्डिंग प्रतिक्रिया युक्त उच्च विद्युतशीलता पाॅलीएनीलीन । बैरियम टाइटनेट नैनोकम्पोजिट

पाॅलीएनीलीन (PANI) - चतुष्कोणीय BaTiO3 (TBT) नैनोकम्पोजिट को स्वस्थानी इमल्शन ध्रुवण द्वारा तैयार किया गया है । इन नैनोकम्पोजिट के XRD अध्ययनों तथा HRTEM माइक्रोग्राफ से कंडक्टिंग PANI मैट्रिक्स में TBT नैनोकणों के समामेलन का पता चला । EPR तथा XPS मापनों से ज्ञात होता है कि BaTiO3 के लोडिंग स्तर में वृद्धि करने पर PANI के डोपिंग स्तर में कमी आ जाती है ।

चित्र .......

(a) स्वस्थानी ध्रुवण द्वारा PANI-BaTiO3 Ncs की संरचना के आरेखीय चित्रण (b) अभिलक्षण विवर्तन प्लेन को दर्शाते (i) BaTiO3 (ii) PBT11 तथा (iii) PBT10 के XRD पैटर्न । इनसैट में 45o पीके सुस्पश्ट विपाटन तथा BaTiO3 के चतुष्कोणीय चरण की उपस्थिति को दर्शाया गया है और (c) चतुष्कोणीय से घनाकार चरण रूपातंरण तापमान को प्रतिबिम्बित करता DSC वक्र ।

इन कम्पोजिट के Ku-बैण्ड (12.4-18 Ghz) नेटवर्क विश्लेषण, -715db (आपतन विकिरण के 99.99999% से अधिक अवरोध) अवशोषण प्रधान कुल शील्डिंग प्रभाविता (SET) मूल्य वाली विशिश्ट माइक्रोवेव शील्डिंग प्रतिक्रिया (चित्र 2) दर्शाते हैं जो BaTiO3 के भाजक पर निर्भर करता है तथा अधिकतम डाइइलेक्ट्रिक तथा वैद्युत गुणों से लक्षणित होता है ।

चित्र .....

(a) SER तथा DEA, (b) वास्तविक विद्युतशीलता (ε'), (C) काल्पनिक विद्युतशीलता (ε”) तथा (tand पानी हेतु आवृत्ति तथा इसकी TΒT आधािरत Ncs के साथ हानि स्पर्शज्या की विविधता ।

समूह के वैज्ञानिक

डा. ए. एम. बिरादर (प्रमुख)

डा. के. के. सैनी

डा. एस. के. धवन

डा. राजेश

डा. एन. करार

डा. पंकज कुमार

डा. प्रवीन सैनी





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