जोसेफसन संधि तथा एकल इलेक्ट्राॅन सुरंगन भौतिकी
पजवस प्रणाली 'क्वांटम परिघटना' (जोसेफसन प्रभाव) पर आधारित है, जो निम्न समीकरण से संबंधित है
2eVn = nhf
जहां एन(न) = 0, ± 1, 2 ±, ± 3, ---,       वी.एन.(वन्) = क्वाण्टित वोल्टता,            एफ(फ) = विकिरण की आवृत्ति ,                 एच(ह) = प्लांक नियतांक,  ई(ए) = इलेक्ट्रॉन चार्ज है
यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत में 'वोल्ट' यूनिट के मानक के लिए आधार प्रदान करता है. आईएसओ / आईईसी 17025:2005 के अनुसार, जेनर संदर्भ मानक के मापन में 10 वोल्ट स्तर पर (क=2) अनिश्चितता ± 350 नैनो वोल्ट है (जेनर शोर सहित).
प्रणाली की मुख्य विशेषताएं इस तरह से हैं:
  • गैर हिस्टेरेटिक (non-hysteretic) जोसेफसन टनेल जंक्शन Nb इलेक्ट्रोड और NbxSi1-x रोधिकाओं का बना हुआ है.
  • 10 वोल्ट की चिप 256116 जोसेफसन जंक्शनों से बनी है, जो तीन जंक्शनों के स्टैकों में संगठित और 32 माइक्रोवेव समतलीय तंरग निर्देश लाइनों में वितरित हैं.
  • वोल्टेज step स्थिर रहते हैं, शोर से बेहतर उन्मुक्ति है, और तेजी से स्थिर होने में सक्षम है.
NIST, अमरीका के सहयोग से NPL, भारत में स्थापित 10 वोल्ट “PJVS” प्रणाली.

चित्र 1.एक एकल जंक्शन की आई वी (I-V) वक्र.
यह आई वी (I-V) वक्र माइक्रोवेव शक्ति को इस तरह सेट करके ली गयी हैं ताकि, विद्युत प्रवाह सीमा प्रत्येक step चित्र.1
एन = {-1, 0, और +1} के बराबर हो.
चित्र 2. 10 वोल्ट PJVS चिप की तस्वीर (NIST, यूएसए), ऑपरेटिंग आवृत्ति 18-22 गीगा हर्ट्ज. चित्र.2
चित्र (क). 23 उप सरणी के लिए आई वी(I-V) वक्र.

चित्र (ख). 18.645 गीगा हर्ट्ज और 0.00dBm पर समतलता परीक्षण . चित्र. (क)
सरणी विन्यास न्‍न्‍ननननननननननणणणप्प्प्प्प्प्प्प उप सरणी 1 से शुरू और उप सरणी 23 पर खत्म हो रही है. यहां पर "0"- शून्य कदम, " एन(न)"- नकारात्मक कदम चित्र. (ख) और “पी(प)”- सकारात्मक कदम का प्रतिनिधित्व करता है.
कुल सरणी उत्पादन, 1 मिली वाल्ट सीमा पर, प्रणाली नैनो वाल्टमीटर द्वारा 0.000 231 3315 वोल्ट मापा गया है.

(क)
(ख)
उप-प्रभाग के सदस्य:

प्रमुख::

डॉ. वी एन ओझा

vnojha@nplindia.org

वैज्ञानिक:

श्रीमती संध्या मालीकार पटेल

patelsm@nplindia.org

तकनीकी सहायक:

श्री अनिष महावीर भार्गव


संपर्क जानकारी