सिलिकन तनु फिल्म प्रकाशवोल्टीय

 क्रियाकलाप प्रमुख की सम्पर्क सूचना:

डॉ सुशील कुमार
सी एस आई आर - राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला,
डॉ के एस कृष्णन मार्ग, नई दिल्ली-110012, भारत
दूरभाश: 91-11-45608650, फैक्स: 91-11-45609310 
ई-मेल: skumar@nplindia.org

टीम:

वैज्ञानिक एवं तकनीकी स्टाफ:

  • डॉ सुशील कुमार, प्रधान वैज्ञानिक
  • डॉ एस सुधाकर, वैज्ञानिक
  • सुश्री कल्पना लोधी, तकनीकी सहायक

शोधार्थी:

  • सुश्री सुचेता जुनेजा, (एस आर एफ(
  • सुश्री मानसी शर्मा (जे आर एफ)
  • सुश्री दीपिका चैधरी, (जे आर एफ)
  • सुश्री श्रृश्टि चुग, (जे आर एफ)

 
चित्र:- सिलिकन तनु फिल्म प्रकाशवोल्टीय टीम

अनुसंधान: अनुसंधान क्रियाकलाप का सार, मुख्य विषय 

सी एस आई आर - राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला भारत की महत्वपूर्ण प्रयोगशालाओं में से एक है जो कई वर्शों से सिलकाॅन तनु फिल्म प्रकाशवोल्टीय अनुसंधान के विकास हेतु कार्य कर रही है । हाल ही में, इस समूह की अनुसंधान तथा विकास गतिविधि टैपसन (नेटवर्कस् द्वारा सौर ऊर्जा के उपयोग हेतु प्रौद्योगिकी तथा उत्पाद) नामक सी एस आई आर सौर मिशन परियोजना के अंतर्गत संपन्न हुई । इस परियोजना को किफायती/मितव्ययी तथा सफल तनु फिल्म सिलिकाॅन की [मुख्यतः माइक्रोमाॅर्क सिलिकाॅन; सिलिकन की दो विशिश्ट सूक्ष्म संरचनाएं: (a -Si:H) अक्रिस्टलीय तथा सूक्ष्मक्रिस्टलीय (µc-Si:H)] आधारित सौर सेल तथा माॅडयूल के विकास हेतु ‘जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन’ कार्यक्रम के अंतर्गत प्राकृतिक संसाधन एवं पर्यावरण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निधि आबंटित की गयी है ।

वर्तमान में प्रकाशवोल्टीय उद्योग का मुख्य ध्येय उत्पादन लागत को कम करना है । इस आवश्यकता की पूर्ति का समाधान सेल क्षमता के विस्तार में सुधार करना है । यह सिलिकाॅन तनु फिल्म प्रकाशवोल्टीय के लिए भी सत्य है । सिलिकाॅन तनु फिल्म सौर सेल की विभिन्न परतों की निक्षेपण दर में सुधार का मुख्य मानदण्ड है । एन पी एल के Si-TFPV समूह ने अपनी हाल ही में किए गए अनुसंधान में अक्रिस्टलीय तथा माइक्रो/नैनो क्रिस्टली सिलिकाॅन पदार्थ के उच्च दर पर निक्षेपण हेतु अत्यंत उच्च आवृत्ति वाली पी ई सी वी डी (PECVD) प्रक्रिया को अपनाया है । निक्षेपण दर में वृद्धि के अतिरिक्त, नैकसमानता में कमी तथा a-Si:H तथा µc-Si:H तनु फिल्म परतों का प्रांरभिक प्रकाश न्यूनीकरण प्रेरित निम्नीकरण भी इसका उद्देष्य है, जो उत्पादन लागत को कम करने के लिए क्षमता को सुधारने में सहायता करेगा । सिलिकाॅन तनु फिल्म सौर सेलों की क्षमता को सुधारने के लिए अप एण्ड डाउन कन्वर्जन, प्लैज्माॅनिक, क्रमिक संरचना आदि जैसे उन्नत प्रक्रिया अवधारणाओं का उपयोग करने के प्रयास किए जा रहे हैं । नीचे दिया गया प्रवाह चार्ट हमारे दृश्टिकोण को दर्षाता है:

चित्र-1 : किफायती तथा सक्षम तनु फिल्म सौर सेल प्राप्त करने हेतु दृश्टिकोण.

यह समूह एच आई टी सौर सेलों को बनाने में भी रूचि रखता है । इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं ।.

सुविधाएं:

इस समूह के पास विभिन्न निक्षेपण प्रणालियां तथा इन-हाउस अभिलक्षणन सुविधा है । हमारे पास अक्रिस्टली तथा माइक्रो/नैनो-क्रिस्टलीय सिलिकाॅन फिल्मों के निक्षेपण हेतु दो प्लैैैज्मा संवृद्ध रासायनिक वाश्प निक्षेपण (पी ई सी वी डी प्रणालियां है:- 1, एकल चैम्बर तथा 2, बहु-चैम्बर पी ई सी वी डी प्रणलियां तथा इसके साथ ही सौर सेल हेतु धात्विक तथा अन्य परतों के निक्षेपण के लिए कण-क्षेपण तथा तापीय वाश्पीकरण प्रणालियाँ भी उपलब्ध है । इस समूह के पास विभिन्न अभिलक्षणन सुविधाएं उपलब्ध हैं, जैसे IV-CV, तापमान आश्रित अदीप्त तथा प्रकाशिक चालकता सौर अनुकारी, सुई आधारित थिकनेस प्रोफाइलोमीटर प्रतिबल मापन व्यवस्था, लेसर रमन, प्रकाशतापीय विक्षेपण स्पेक्ट्रोस्कोपी (पी डी एस) तथा स्थिर प्रकाश विद्युत धारा पद्धति (सी पी एम) आदि ।

निक्षेपण पद्धति :

  • एकल चैम्बर पी ई सी वी डी पद्धति

यह पद्धति अत्यंत उच्च आवृत्ति 60 MHz पर कार्य करती है तथा साथ ही 2.45 GHz माइक्रोवेव आवृत्ति के साथ युग्मित है । (चित्र 2) यह पद्धति देशीय स्तर पर सी एस आई आर - एन पी एल में अभिकल्पित तथा विकसित की गयी है । इस पद्धति का उपयोग अक्रिस्टली तथा माइक्रो/नैनो क्रिस्टलीय सिलिकाॅन तनु फिल्मों के निक्षेपण हेतु उपयोग किया जा रहा है तथा हाल ही में पी आई एन सौर कोशिकाओं के निर्माण की क्षमता का प्रदर्षन किया गया । एकल चैम्बर में क्राॅस-संदूशण के कारण इन कोशिकाओं की क्षमता अच्छी नहीं होती, हालांकि प्रक्रिया में सुधार किया जा रहा है तथा इसका उपयोग उच्च क्षमता वाले सिलिकाॅन सौर कोशिकाओं के निर्माण में विशेशज्ञता विकसित करने के लिए किया जा रहा है । .

चित्र-2 : सी एस आई आर - एन पी एल द्वारा अभिकल्पित तथा संविरचित एकल चैम्बर वी एच एफ (60 मेगाहर्टज) पी ई सी वी डी प्रणाली ।.

बहु-कक्षीय पी ई सी वी डी प्रणाली

इस प्रणाली में यंत्र गुणवत्ता पी-टाइप, आंतर/ नैज तथा एन-टाईप अक्रिस्टलीय सिलिकाॅन आधारित अर्धचालक पदार्थ तथा एक लोड-लाॅक कक्ष के निक्षेपण हेतु तीन प्रक्रम कक्ष होते हैं । इस प्रणाली को लगभग 25 वर्श पूर्व मैसर्स जी एस आई इक, यू एस ए द्वारा प्राप्त किया गया । हालांकि यह प्रणाली पूर्व में सक्षम एकल संधि अक्रिस्टलीय सिलिकाॅन P-i-n संरचना वाले सौर सेलों तथा माॅड्यूल (क्षेत्र: 10 x 10 cm2)को संविरचित करने की क्षमता का प्रदर्षन कर चुकी है । अब इस समूह द्वारा इस प्रणाली का नवीनीकरण किया गया तथा अनेक प्रयासों के पष्चात् इसे एक नया जीवन दिया गया (चित्र-3) । इस प्रणाली का उपयोग लेपित तथा गैर लेपित a-Si:H तथा μc- Si:H फिल्मों के निक्षेपण हेतु किया जा रहा है ताकि सक्षम (>10%) टैनड्म संधि माइक्रोमाॅर्फ सौर कोशिकाएं संविरचित की जा सके । .

चित्र-3 : 10 x 10 cm2 क्षेत्र में अक्रिस्टली तथ माइक्रो/ नैनो क्रिस्टली सिलिकाॅन की पेलित तथा गैर-लेपित परतों के निक्षेपण हेतु बहु-कक्षीय पी ई सी वी डी प्रणाली ।
सौर सेलों धात्विक तथा अन्य परतों के निक्षेपण के लिए कण क्षेपण तथा तापीय वाश्पीकरण प्रणालियां उपलब्ध हैं।

 

चित्र -4 : कण - क्षेपण तथा तापीय वाश्पीकरण प्रणालियां.

अभिलक्षणन सुविधाएं:-

  • I-V तथा C-V और सौर अनुकारी अभिलक्षणन सैट-अप

यह प्रयोगशाला मैसर्स कीथले 4200 SCS तथा परिषुद्ध एल सी आर मीटर एलीजेंट F4980 । (चित्र-5, बायी तरफ) नामक व्यावसायिक रूप से उपलब्ध अर्धचालक अभिलक्षणन प्रणलाी से सुसज्जित है जिसका a-Si:H तथा μc/nc- Si:H तनु फिल्मों तथा सौर सेलों के लिए धारा-वोल्टता तथा धारित-वोल्टता अभिलक्षणन हेतु कीथले स्विच मैट्रिक्स 708A के साथ उपयोग किया जा रहा है । इन अभिलक्षणों के आधार पर निक्षेपित फिल्मों तथा कोशिकाओं के लिए विभिन्न मानदण्ड जैसे लेपित अनुच्छेदिका (doping profile) थे्रषोल्ड वोल्टता, प्रतिरोधकता या चालकता, धात्विक अर्धचालक कार्य आदि निर्मित किए गए । इस समूह के पास सौर सेल अभिलक्षणों के अभिलक्षणन हेतु समुच्चयित/ संविरचित सौर अनुकारी भी हैं । (चित्र-5, दायीं तरफ) । इसके अतिरिक्त, सिलिकाॅन तनु फिल्मों के विभिन्न प्रकाश-विद्युतीय गुणधर्मों के अनमान हेतु इन-हाउस तापमान आश्रित अदीप्त तथा प्रकाशिक चालकता सैट-अप को भी उपयोग किया जा रहा है ।

          

चित्र-5: I-V तथा C-V तथा सौर अनुकारी अभिलक्षणन सैट-अप

  • प्रकाश-तापीय विक्षेपी स्पक्ट्रमिकी (पीडीएस) सैट-अप

अर्बाख ऊर्जा तथा अवस्था का मिडगैप घनत्व (डी ओ एस) के अनुमान हेतु a-Si:Hतथा μc/nc- Si:H तनु फिल्मों के अभिलक्षणन के लिए पी डी एस प्रणाली को पुनः स्थापित किया जा रहा है । पी डी एस द्रवित माध्यम (कार्बन टेट्राक्लोरोइड, CCl4), द्वारा प्रकाशतः उतेजक किरण पुंज के अवषोशण पर आधारित है जो प्रकाषतः ऊश्मित क्षेत्र के अपवर्तन सूचकांक में संगत परिवर्तन करता है । इस अवशोशण के कारण नमूना फिल्म सतह से सटी तनु परत में अपवर्तन प्रवणता सूचकांक भी होता है । इससे जांच किरण पुंज अर्थात् He-Ne लेसर (l=633 nm), में विक्षेपण उत्पन्न होता है जिसे वृतपाद प्रकाश संवेदी संसूचक (पी एस डी) तथा लाॅक-इन एम्पलीफायर के द्वारा मापा जाता है । इसके अतिरिक्त, इस मूल्यांकित मापित डी ओ एस तथा फोटाॅन ऊर्जा के विरूद्ध अवषोशण गुणांक का उपयोग निक्षेपित अर्धचालकीय फिल्मों की अर्बाख पुच्छ ऊर्जा (Eu) को निर्धारित करने के लिए किया जाता है ।

चित्र -6 : प्रकाशतापीय विक्षेपी स्पेक्ट्रमदर्षी (पीडीएस) मापन सैट-अप

  • तनु फिल्म प्रतिबल मापन तंत्र

यह तंत्र मैसर्स फ्रंटीयर सेमीकंडक्टर (एफएसएम), यू एस ए से प्राप्त किया गया है । (चित्र-7) यह तंत्र 5000C से 200mm सबस्टेªट साइज के परिवेश से तापमान के कार्य के रूप में तनु फिल्म के प्रतिबल मापन की क्षमता रखता है । यह उपकरण तापीय चक्र के अधीन तनु फिल्म पदार्थों के तापीय गुणधर्मों तथा स्थायित्व का मूल्यांकन करने में उपयोगी है । इस अभिलक्षणन द्वारा प्राप्त सूचनाओं द्वारा फिल्म भंजन (चटकना) शून्यकरण तथा गिरिका/उपगिरी संरचना जैसी समस्याओं का पता लगाने में सहायक है, जो कि डिवाइस प्रोसेस के दौरान क्रांतिक विष्वसनीयता मुद्दों का कारण बन सकती है ।

चित्र-7: प्रतिबल मापन तंत्र

अक्रिस्टलीय तथा माइक्रो-क्रिस्टलीय सिलिकाॅन तनु फिल्म

अक्रिस्टलीय तथा माइक्रो-क्रिस्टलीय सिलिकाॅन तनु फिल्म सामान्यतः पी ई सी वी डी तकनीक के उपयोग से दाब शक्ति, आवृत्ति, तनुता सिलेन प्रवाह दर आदि की विभिन्नता द्वारा निक्षेपित की जाती है । ऐसी परिस्थितियों में निक्षेपित की गयी फिल्में निक्ष्ेापण दर, क्रिस्टलीय प्रबलता प्रभाजन, हाइड्रोजन आबंधन तथा Si:H तनु फिल्मों की आकारिकी पर प्रक्रिया मानदण्डों के प्रभाव को जानने के लिए रमन स्पक्ट्रमिकी, परमाण्विक बल सूक्ष्मदर्षिकी (एएफएम) तथा पराबैगनी-दृश्य (uv-vis) स्पेक्ट्रमिकी आदि द्वारा अभिलक्षित की जाती है । अक्रिस्टलीय तथा माइक्रो-क्रिस्टलीय सिलिकन फिल्मों की 10Ao/Sec से अधिक विकास दर निष्चित प्रक्रिया अवस्थाओं पर प्राप्त की जाती है
सिलेन प्रवाह, शक्ति, दाब तथा तनुता की विभिन्नता द्वारा अक्रिस्टलीय से माइक्रो/नैनो क्रिस्टलीय संरचना तक संक्रमण क्षेत्र में पाया गया । सिलेन प्रवाह दर की विभिन्न (5-30 sccm) द्वारा विभिन्न क्रिस्टलीय प्रबलता प्रभाजन (20% से 60% ) तथा बैंड अंतराल (1-50 eV से 1-90 eV) प्राप्त किए गए ।
जैसा कि TEM (चित्र-8) तथा रमन स्पेक्ट्रा (चित्र-9) द्वारा स्पश्ट है इन फिल्मों की संरचनाएं अक्रिस्टलीय तथा माइक्रो/नैनो-क्रिस्टलीय से संयुक्त मिश्रित फेज वाली पायी गयी ।

चित्र-8: विभिन्न प्रक्रिया अवस्थाओं पर निक्षेपित तीन सिलिकन तनु फिल्मों की एच आर टी ई एम तस्वीरें: (ए) प्रथमतः a-Si:Hफिल्म (बी) निम्न क्रिस्टलीय प्रभाजन वाले a-Si:H तथा μc-Si:H की मिश्रित फेज संरचना (सी) उच्च क्रिस्टलीय प्रभाजन वाले a-Si:H तथा μc-Si:H की मिश्रित फेज संरचना । विवर्तन पैटर्न इनसैट में दर्षाया गया है ।

चित्र-9 वी एच एफ (60MH2 पी ई सी वी डी प्रक्रिया को सिलेन प्रवाह दर (Ar प्रवाह दर निष्चित) के एक कार्य के रूप में उपयोग कर बढ़ने वाली सिलिकन तनु फिल्मों की मिश्रित फेज संरचना (a-Si:H तथा μc-Si:H) का रमन स्पेक्ट्रा । रमन स्पेक्ट्रा द्वारा अनुमानित क्रिस्टलीय प्रभाजन (P) भी दर्षाया गया है ।

वी एच एफ पी ई सी वी डी प्रक्रिया के द्वारा उच्च दर पर निक्षेपित इन फिल्मों को प्रकाश निम्नीकरण/अवकर्शण अध्ययन किया गया । यह पाया गया कि अक्रिस्टलीय सिलिकन की तुलना में ये फिल्में अधिक स्थिर है । यह देखा गया कि चयनित प्रक्रिया पैरामीटर्स के निष्चित सैट पर निक्षेपित μc-Si:H फिल्में अच्छी गुणवता की होती हैं जिनमें प्रकाश संवेदिता (<103 ) तथा प्रकाश प्रेरित निम्नीकरण/अवकर्शण (<5%) होता है । यह भी देखा गया कि उच्च क्रिस्टलीय वाली माइक्रोक्रिस्टलीय फिल्मों ने भिन्न दर पर कम प्रकाष निम्नीकरण/अवकर्शण प्रदर्षित किया

चित्र 10: (क) 23Ao/सेंकड (बाईं तरफ) तथा (ख) 12Ao/सेंकड (दायीं तरफ) पर निक्षेपित µc-Si:H फिल्मों का प्रकाष प्रेरित निम्नीकरण/अवकर्शण ।

इन पदार्थों का मादन/अपमिश्रण किया गया तथा एकल संधि माइक्रोक्रिस्टलीय सिलिकन P-i-n सौर सेल निर्मित किए गये । सक्षम सौर सेलोें हेतु बहु चैम्बर पी ई सी वी डी पद्धति में उपकरण की अक्रिस्टलीय तथा माइक्रो-क्रिस्टलीय सिलिकन परत गुणवता निर्मित करने हेतु प्रयास किए जा रहे हैं ।.

दक्ष सौर कोशिकाओं हेतु अनुरूपण कार्य

यह समूह P-i-n सिलिकन और कोशिकाओं की दक्षता में सुधार हेतु अनुरूपण कार्य में भी संलग्न है । हाइड्रोजनीकृत अक्रिस्टलीय सिलिकन (a-Si:H) P-i-n और कोशिका की कार्य दक्षता P-परत बैंड अंतराल तथा इसकी मोटाई पर अत्यधिक निर्भर करती है । i तथा n-परत बैंड अंतराल भी रूपातरंण दक्षता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । अतएव, हम कंप्यूटर सहायता प्राप्त एकल-विमीय AFORS-HET साॅफ्टवेयर द्वारा P, i तथा n परत बैंड अंतराल को अधिकतम कर देते हैं । इन बैंड अंतरालों की अधिकतम किए गए मूल्य से प्रयोगतः दक्ष सौर सेलोेें के निर्माण में सहायता मिलती है । इसके अतिरिक्त, सेलोें की दक्षता पर हीरक सदृष कार्बन फिल्मों का प्रभाव देखने के लिए हमनें हीरक सदृष कार्बन फिल्मों के विभिन्न प्रकारों का विंडो परत के रूप में उपयोग किया तथा पारपंरिक सिलिकन कार्बन मिश्रधातु के साथ इसके परिणामों की तुलना की । हम अक्रिस्टलीय तथा माइक्रोक्रिस्टलीय सिलिकन सौर सेलोें के मध्र्य ZnO को अंतर परत के रूप में उपयोग कर माइक्रोमार्फ सिलिकन टैनडम संधि हेतु परतों का अनुकरण करने का भी प्रयास करते रहे हैं । इसके अतिरिक्त, समान AFORS-HET साॅफ्टवेयर का उपयोग कर ~ 27 % दक्षता प्राप्त करने हेतु HIT सौर कोषिओं के लिए भी अनुकरण दृश्टिकोण अपनाया गया ।
प्लाज़्मा निदान
यह समूह प्लाज़्मा, प्रतिबाधा विष्लेशण तथा प्रकाषिक उत्सर्जन जैसी विभिन्न निदान तकनीकों द्वारा विभिन्न निक्षेपण परिस्थितियों (फीड गैसों, शक्ति, दाब संचालक आवृत्तियां, आदि) में प्रजातियों के प्लाज़्मा निदान में भी संलग्न है, प्लाज़्मा निदान तकनीकें अक्रिस्टलीय तथा माइक्रों/नैनो-क्रिस्टलीय सिलिकन पदार्थ गुणधर्मों का इच्छित विनिर्देश तक निक्षेपण हेतु प्रक्रिया पैरामीटर्स के परिशुद्ध इश्टतमीकरण में हमारी सहायता करती है ।

सौर कोशिका अनुप्रयोग हेतु हीरक सदृश कार्बन (डी एल सी) तनु फिल्में

यह समूह विभिन्न सबस्टेªट्स पर विभिन्न डी एल सी फिल्मों जैसे धातु डी एल सी, नैनो संरचना वाले कार्बन, नैनोकम्पोजिट कार्बन आदि के निक्षेपण की क्षमता रखता है ।
हीरक सदृष कार्बन (DLC, a-C:H) के वैद्युत प्रकाशिक तथा यांत्रिक गुणधर्मों और रेडियो आवृत्ति-प्लाज़्मा सवंर्धित रासायनिक वाश्प निक्षेपण (पी आर - पी ई सी वी डी) द्वारा निक्षेपित संषोधित डी एल सी (नाइट्रोजन समावेषित डी एल सी, a-C:N:H) तनु फिल्मों का अन्वेशण किया गया a-C:N:H/Si तथा a-C:H/Si विशमसंधि डायोड्स (दिश्टकारी परिपथ), धातु (Ti a तथा Cu)/Si/a-C:H आधारित बहुसंधि उपकरण आदि का भी अन्वेशण किया गया । सैद्धांतिक अनुकरण द्वारा अक्रिस्टलीय सिलिकन (a-Si:H) आधारित P-i-n सौर सेल हेतु विंडो परत के रूप में डी एल सी तथा संशोधित डी एल सी फिल्मों के संभावित अनुप्रयोग का भी अन्वेशण किया गया ।
इसके अलावा, डी एल सी तथा संशोधित डी एल सी आधारित कठोर तथा अति कठोर (40 GPa से ऊपर) विलेपन निर्मित करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं । विभिन्न परतों के संयोजन जैसे टाइटेनियम/डी एल सी द्विपरतीय तथा बहुपरतीय संरचना, नाइट्रोजनकृत डी एल सी, आॅक्सीजन संषोधित डी एल सी, ताम्र/डी एल सी बहुपरतीय संरचना तथा ताम्र समावेषित फिल्मों, द्वारा अति-कठोर तथा कठोर विलेपन का प्रापण किया गया । वृहद् क्षेत्रीय (~15 cm x 13 cm)) ग्लास सबस्टेªटस पर निक्षेपित डी एल सी विलेपन के गुणधर्मों में सुधार हेतु डी एल सी निक्षेपण तथा तत्पष्चात् आॅक्सीजन प्लाज्मा उपचार किया गया ।

नवीन पेटेंट तथा प्रकाशन

पेटेंट (पंजीकृत):

  1. भारतीय पेटेंट अनुप्रयोग संख्या: 2750 DEL 2007/IN, दिनांकित: 28.12.2007 प्रकाशिक संदीप्तिषील नैनो संरचना सिलिकन तनु फिल्मों के निर्माण प्रक्रिया (0097 NF 2007)], ए अंतरराश्ट्रीय पेटेंट अनुप्रयोग संख्या: PCT/IN08/000371 दिनांकित: 13.06.2008 (प्रकाशन सं.:WO/2009/084005 दिनांकित: 09.07.2009)
  2. ताईवान पेटेंट अनुप्रयोग सं.: 097123735/TW दिनांकित: 25.01.2008 (TW200929337)
  3. यू एस पेटेंट अनुप्रयोग सं.: 12/810920/US, दिनांकित: 28.06.2010 (प्रकाशन सं.: US2010/0285235A1 दिनांकित नवम्बर 11, 2010)
  4. भारतीय पेटेंट अनुप्रयोग सं.: 0313 DEL 2009/IN, दिनांकित 18.02.2009 ”आकारीय वस्तु की आंतरिक सतह हीरक सदृश कार्बन का संरक्षणात्मक विलेपन के रूप में निक्षेपण करने हेतु प्रक्रिया“ [0179NF2008], ए अंतरराश्ट्रीय पेटेंट अनुप्रयोग सं.: PCT/IB2010/000133/WO, दिनांकित: 27.01.2010 (प्रकाशन सं.: WO/2010/095011 दिनांकित 26.06.2010)

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